HCM सुखविंदर सिंह सुखू :आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से डॉ. वाई.एस. परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के लिए 34.31 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

प्राकृतिक खेती हिमाचल प्रदेश के समृद्ध भविष्य की आधारशिला है। राज्य सरकार इसे जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है और विश्वविद्यालय इस दिशा में किसानों को मार्गदर्शन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने के बावजूद, हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

प्राकृतिक खेती में दो लाख से अधिक किसान पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 1.98 लाख को प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए हैं।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. राजेश्वर चंदेल जी, आईसीएआर के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. आर.के. सिंह जी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।





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