
लोकेशन, ज्वाली
पांच दिवसीय क्षमता संवर्धन एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) विषय के संदर्भ में प्रशिक्षण का हुआ समापन
कोटला शिक्षा खंड के तहत कुठेड़ में प्राथमिक शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय (एफ. एल. एन.) प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। जिला प्रशिक्षण प्रभारी डॉ जोगिन्द्र सिंह भी मौजूद रहे। वहीं प्रशिक्षण कार्यक्रम में 45 शिक्षक मौजूद रहे। जिन्हें जिला प्रशिक्षण प्रभारी द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए उन्होंने अध्यापकों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रारंभिक साक्षरता और संख्यात्मकता किसी बच्चे की शैक्षणिक यात्रा की सबसे मजबूत नींव होती है। प्रारंभिक साक्षरता का अर्थ है पढ़ना, समझना और लिखित भाषा के साथ सार्थक रूप से जुड़ना। इसमें अक्षरों और शब्दों की पहचान ही नहीं, बल्कि समझ के साथ पढ़ने की क्षमता भी शामिल है, जो पाठों का अर्थ निकालने और प्रभावी संवाद करने में सक्षम बनाती है। दूसरी ओर, प्रारंभिक संख्यात्मकता का अर्थ है संख्याओं को समझना, जोड़, घटाव, गुणा, भाग जैसे मूलभूत अंकगणितीय क्रियाओं को करना और इन्हें दैनिक समस्याओं के समाधान में लागू करना। कार्यक्रम विभाग के द्वारा हर वर्ष चलाया जाता है और इस प्रशिक्षण में अध्यापकों को करिकुलम में होने वाले नवीनतम बदलाव एवं नवाचार के बारे में अवगत कराया जाता है जिससे अध्यापकों का शिक्षण कार्य ओर अधिक प्रभावशाली बन सके। इस बार प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य विषय वस्तु टीचर गाइड मैन्युअल एवं अभ्यास पुस्तिका रहेगी। KRP द्वारा सभी अध्यापकों को FLN की टीचर गाइड व किताबों का प्रयोग करना सिखाया गया। सभी मास्टर ट्रेनर द्वारा हिंदी में 4 -ब्लॉक मॉडल के बारे में विस्तार से बताया गया/ गणित में ELPS अप्रोच के बारे में भी बताया गया। अंग्रेजी में फाऊंडेशनल लेवल और एडवांस्ड लेवल के बारे में विस्तार से बताया गया। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक गतिविधियों में भाग लिया।
उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी अध्यापक को विभाग से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। सभी अध्यापक साथी पूर्ण समर्पण से कार्य करें और सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने पर पूरा जोर दें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुरेश कुमार,राजेश कुमार,रमन मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाई।
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