
*ज्ञापन-पत्र*
~हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार बैचवाइज एवं कमीशन अभ्यर्थियों की न्यायसंगत मांगों के संबंध में
दिनांक: 24 अक्टूबर 2026
प्रेषक: JBT/TGT/PGT Batchwise-cum-Commission Union of Himachal Pradesh~
_सेवा में,
माननीय उपायुक्त महोदय/महोदया,
समस्त जिला, हिमाचल प्रदेश।_
माध्यम से प्रेषित हेतु:
1. माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार, शिमला।
2. माननीय राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश, राजभवन, शिमला।
विषय: हिमाचल प्रदेश के लगभग 81,000 B.Ed./JBT/PGT बैचवाइज एवं कमीशन अभ्यर्थियों की लंबित एवं न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र हस्तक्षेप करने, लागू भर्ती नियमों के अनुरूप नियमित शिक्षक भर्ती सुनिश्चित करने तथा कथित मनमानी भर्ती नीतियों से प्रभावित बेरोजगार युवाओं को न्याय दिलाने के संबंध में।
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि JBT/TGT/PGT Batchwise-cum-Commission Union of Himachal Pradesh प्रदेश के लगभग 81,000 B.Ed., JBT, PGT तथा अन्य पात्र बैचवाइज एवं कमीशन अभ्यर्थियों की ओर से यह ज्ञापन प्रस्तुत कर रही है। हमारा उद्देश्य प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के रोजगार संबंधी अधिकारों, समान अवसर, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था तथा लागू भर्ती नियमों के अनुरूप न्याय सुनिश्चित करवाना है।
प्रदेश के हजारों पात्र अभ्यर्थी वर्षों से शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता, समय, आर्थिक संसाधन और अथक परिश्रम का निवेश किया है। इसके बावजूद नियमित शिक्षक भर्ती, बैचवाइज भर्ती, रिक्त पदों की घोषणा और विभिन्न भर्ती नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यूनियन का आरोप है कि बार-बार अपनी मांगें सरकार तक पहुँचाने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद अभ्यर्थियों की समस्याओं पर अपेक्षित एवं स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई है। इससे बेरोजगार युवाओं में निराशा, असुरक्षा और उपेक्षा की भावना उत्पन्न हुई है।
अतः हम माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय राज्यपाल महोदय से अनुरोध करते हैं कि प्रदेश के बेरोजगार शिक्षक अभ्यर्थियों की निम्नलिखित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए नियमानुसार आवश्यक हस्तक्षेप किया जाए।
हमारी प्रमुख मांगें
1. लागू R&P Rules के अनुसार नियमित शिक्षक भर्ती
हिमाचल प्रदेश में JBT, TGT, PGT तथा अन्य शिक्षक पदों पर भर्ती संबंधित पदों के लिए लागू वैधानिक Recruitment & Promotion (R&P) Rules, निर्धारित पात्रता, आरक्षण प्रावधानों और निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुरूप सुनिश्चित की जाए।
भर्ती नियमों में किसी भी प्रकार के बदलाव अथवा उनसे विचलन की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी, वैधानिक आधार और संबंधित अधिसूचनाएँ सार्वजनिक की जाएँ। भर्ती प्रक्रिया में मनमानेपन की आशंका को दूर कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
2. बैचवाइज अभ्यर्थियों की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय
पात्र बैचवाइज अभ्यर्थियों की लंबित मांगों की समीक्षा लागू भर्ती नियमों, पात्रता, उपलब्ध रिक्तियों और निर्धारित भर्ती माध्यम के अनुसार की जाए। जहाँ बैचवाइज भर्ती का प्रावधान लागू है, वहाँ भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए और उसे अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
3. नियमित भर्ती रोस्टर एवं परीक्षा कैलेंडर लागू करना
सरकार शिक्षक भर्ती के लिए स्पष्ट एवं सार्वजनिक वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करे। भर्ती रोस्टर, सीधी भर्ती, बैचवाइज भर्ती, पदोन्नति और आरक्षण से संबंधित लागू प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
युवाओं को भर्ती की संभावित तिथियों, रिक्तियों, पात्रता और चयन प्रक्रिया के बारे में समय रहते जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।
4. प्रत्येक छह महीने में शिक्षक भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करना
सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करे जिसके अंतर्गत उपलब्ध रिक्तियों, लागू नियमों और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार प्रत्येक छह महीने में शिक्षक भर्ती परीक्षाएँ आयोजित की जा सकें। इससे भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब कम होगा और पात्र युवाओं को नियमित अवसर प्राप्त होंगे।
5. CBSE-संबद्ध सरकारी स्कूलों की शिक्षक भर्ती नीति की समीक्षा
CBSE-संबद्ध सरकारी स्कूलों में प्रस्तावित अथवा लागू नियुक्ति व्यवस्था की सेवा अवधि, वेतन, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, नियमित रोजगार के अवसर और भर्ती नियमों के संदर्भ में व्यापक समीक्षा की जाए।
पाँच वर्षीय नियुक्ति व्यवस्था के संबंध में लागू कानूनों, राज्य के प्रासंगिक R&P Rules, सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट की जाए।
यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्षों तक शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले पात्र अभ्यर्थियों की योग्यता, प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान हो तथा उनके लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी रोजगार अवसर उपलब्ध रहें।
6. SMC एवं अन्य विशेष भर्ती व्यवस्थाओं की वैधानिक समीक्षा
SMC शिक्षकों, विशेष कोटे, सीमित सीधी भर्ती (LDR) और विशेष परीक्षा व्यवस्थाओं से संबंधित नीतियों की लागू कानूनों, भर्ती नियमों, समान अवसर और पारदर्शिता के सिद्धांतों के अनुरूप समीक्षा की जाए।
यदि किसी विशेष श्रेणी के लिए अलग चयन प्रक्रिया, कोटा या पात्रता में छूट निर्धारित की गई है, तो उसका वैधानिक आधार, सक्षम प्राधिकारी के आदेश और संबंधित नियम सार्वजनिक किए जाएँ। सभी पात्र अभ्यर्थियों के हितों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाए।
7. बेरोजगार युवाओं की भागीदारी के बिना भर्ती नीतियाँ न बनाई जाएँ
किसी भी नई भर्ती नीति अथवा अभ्यर्थियों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण बदलाव से पहले बेरोजगार युवाओं के प्रतिनिधियों से औपचारिक परामर्श किया जाए।
JBT, B.Ed., TGT, PGT, बैचवाइज एवं कमीशन अभ्यर्थियों के पंजीकृत संगठनों को अपनी मांगें और आपत्तियाँ प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाए। उनके सुझावों पर विचार करने के बाद निर्णय का तर्क सार्वजनिक किया जाए।
8. हिमाचल प्रदेश युवा आयोग का गठन
प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं की रोजगार संबंधी समस्याओं, लंबित मांगों और भर्ती शिकायतों के समाधान के लिए एक प्रभावी एवं जवाबदेह हिमाचल प्रदेश युवा आयोग गठित किया जाए।
इसमें उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए:
– सेवानिवृत्त प्रोफेसरों, शिक्षकों, मुख्याध्यापकों एवं प्रधानाचार्यों को।
– पंजीकृत एवं TET उत्तीर्ण JBT, B.Ed. तथा PGT बैचवाइज-कम-कमीशन अभ्यर्थी संगठनों के अध्यक्षों अथवा अधिकृत प्रतिनिधियों को।
– बेरोजगार युवाओं के प्रतिनिधियों को।
– भर्ती नियमों, रोजगार नीति, कानून एवं प्रशासन के विशेषज्ञों को।
आयोग को लंबित मांगों की समीक्षा करने, भर्ती संबंधी शिकायतों पर विचार करने, सरकार को सिफारिशें देने तथा उन पर की गई कार्रवाई की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी जाए। इसकी संरचना एवं शक्तियाँ विधिसम्मत प्रक्रिया से निर्धारित की जाएँ।
9. रिक्त पदों एवं भर्ती की स्थिति सार्वजनिक की जाए
शिक्षा विभाग द्वारा विषयवार और श्रेणीवार स्वीकृत पदों, कार्यरत कर्मचारियों, रिक्तियों, लंबित भर्ती प्रस्तावों, जारी अधिसूचनाओं और चयन प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
इससे अभ्यर्थियों को वास्तविक रोजगार अवसरों की जानकारी मिलेगी और भर्ती व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी।
10. बेरोजगार अभ्यर्थियों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा
बैचवाइज एवं कमीशन अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापनों, शिकायतों और भर्ती संबंधी आपत्तियों के निपटारे के लिए निर्धारित समय-सीमा वाली व्यवस्था बनाई जाए।
प्रत्येक ज्ञापन पर की गई कार्रवाई, संबंधित विभाग को भेजे गए निर्देश तथा अंतिम निर्णय की स्थिति संबंधित संगठन को उपलब्ध करवाई जाए।
माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय राज्यपाल से विशेष निवेदन
महोदय/महोदया, हमारा संगठन किसी भी पात्र अभ्यर्थी या कर्मचारी के रोजगार अवसरों को छीनने की मांग नहीं करता। हमारी मांग है कि प्रदेश में शिक्षक भर्ती की सभी व्यवस्थाएँ लागू कानूनों, भर्ती नियमों, समान अवसर और पारदर्शिता के सिद्धांतों के अनुरूप संचालित हों।
यूनियन का कहना है कि बार-बार प्रतिनिधिमंडल भेजने, मुलाकातें करने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद हमारी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट एवं संतोषजनक निर्णय नहीं होने से अभ्यर्थी स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। कथित मनमानी अथवा अस्पष्ट भर्ती नीतियों के कारण उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है।
अतः हम विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित कार्रवाई का अनुरोध करते हैं:
1. इस ज्ञापन को माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय राज्यपाल महोदय तक तत्काल अग्रेषित किया जाए।
2. संबंधित विभागों से हमारी मांगों पर लिखित एवं बिंदुवार जवाब माँगा जाए।
3. यूनियन के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल के साथ शीघ्र बैठक आयोजित की जाए।
4. बैचवाइज एवं कमीशन भर्ती से संबंधित रिक्तियों, लागू नियमों और लंबित प्रस्तावों की समीक्षा करवाई जाए।
5. भर्ती नीतियों की वैधानिकता और समान अवसर से जुड़े प्रश्नों पर सक्षम अधिकारियों से स्पष्ट रिपोर्ट प्राप्त की जाए।
6. हमारी मांगों पर की गई कार्रवाई से यूनियन को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवगत करवाया जाए।
हमें आशा है कि प्रदेश के संवैधानिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व द्वारा बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उचित, निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
हमारा विश्वास है कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, नियमित रोजगार अवसर और युवाओं की भागीदारी से ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था एवं प्रशासन में जनता का विश्वास मजबूत होगा।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि प्रदेश के लगभग 81,000 बैचवाइज एवं कमीशन अभ्यर्थियों की इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें।
सधन्यवाद।
भवदीय,
JBT/TGT/PGT Batchwise-cum-Commission Union of Himachal Pradesh
प्रदेश के बैचवाइज एवं कमीशन अभ्यर्थियों की ओर से।
दिनांक: 24 अक्टूबर 2026
संलग्नक (यदि उपलब्ध हों):
7. यूनियन की प्रमुख मांगों की सूची।
8. संबंधित भर्ती नियमों एवं सरकारी अधिसूचनाओं की प्रतियाँ।
9. पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों एवं प्राप्त जवाबों की प्रतियाँ।
10. अभ्यर्थियों की संख्या से संबंधित उपलब्ध संगठनात्मक रिकॉर्ड। Fact live today Shailja Sam #likesharefollowcommentfbreels
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