
. अर्पित पांडे, हाइवबॉर्न :
मधुमक्खी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार का एक महत्वपूर्ण जरिया है, लेकिन शहद की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मिलावट की समस्या और बिचौलियों पर निर्भरता के चलते मधुमक्खी पालकों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हिमाचल में शहद के इस्तेमाल के नए विकल्प तलाशने की पहल की जा रही है।
Fact live today Shailja Sam
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