HCM Sukhvinder Singh Sukhu मेरे बयान का गलत अर्थ निकालने की कोशिश की जा रही है। मेरे कहने का आशय केवल इतना था कि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव तक सदस्यों की विशेष खातिरदारी की जाती है, उन्हें विभिन्न स्थानों पर घुमाया जाता है, दर्शन करवाए जाते हैं और उनकी हर तरह से देखभाल की जाती है। भाजपा लंबे समय से इस तरह की राजनीति करती रही है। वोटिंग होने तक सदस्यों की खूब सेवा की जाती है, लेकिन अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनते ही उन्हें भुला दिया जाता है।

जहाँ तक विकास कार्यों का सवाल है, बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्य करवाने के लिए पैसा मिलता है। मेरी बात केवल चुनाव प्रक्रिया और वोटिंग के दौरान अपनाए जाने वाले गलत तौर-तरीकों तक सीमित थी।

मैंने केवल चुनाव के दौरान होने वाली अनैतिक गतिविधियों का उल्लेख किया था, इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए।




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