ये शर्मनाक घटना पालमपुर, कांगड़ा की है, जहां कुछ शरारती तत्वों ने न्यूगल खड्ड में तीखा जहर मिला दिया ।
क्या हुआ?
1. जलीय जीवन तबाह: खड्ड के बहते पानी में खतरनाक जहरीला पदार्थ मिलाने से सैकड़ों मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं। पानी के ऊपर चील-कौवों के झुंड मंडराते देख ग्रामीणों को पता चला।
2. 6 गांवों का पानी बंद: न्यूगल नदी पर बनी सभी ड्रिंकिंग वाटर सप्लाई स्कीमों को तुरंत बंद कर दिया गया। इससे *परौर और आसपास के 6 गांवों के करीब 16 हजार लोग पानी को तरस गए।
3. बड़ा खतरा टला: जल शक्ति विभाग थुरल के अधिशासी अभियंता संदीप चौधरी ने बताया कि जब तक पानी के सैंपल की लैब रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इन सभी वाटर सोर्सेज से पानी उठाना बंद रहेगा।
पहले भी हो चुकी ऐसी घटनाएं
1. रोहड़ू, शिमला – फरवरी 2026: ब्रेष्टू गांव में 30 घरों के 200 लोगों के पानी के टैंक में सेब की दवाई ‘डर्मिट’ जैसा जहरीला कीटनाशक मिला दिया गया। आदर्श शर्मा नाम के युवक ने पानी से अजीब गंध आने पर सबको सतर्क किया, वरना बड़ी अनहोनी हो जाती। जल शक्ति विभाग ने जांच में जहर की पुष्टि की।
2. पांवटा साहिब: टोका नगला गांव में एक परिवार की पानी की टंकी में जहरीला पदार्थ मिला दिया गया।
हिमाचल में पानी को लेकर पुराना खतरा
– 2016 शिमला: सीवरेजयुक्त दूषित पानी पीने से 32 लोगों की पीलिया से मौत हो गई थी।
– मंडी, अप्रैल 2026: गोहर में 23 बोरवेल के सैंपल फेल पाए गए। जमीन के अंदर 20-30 मीटर गहराई पर ही सीवरेज की गंदगी मिली। 283 लोग पीलिया से ग्रस्त हुए।
अभी क्या हालात हैं?
पालमपुर में न्यूगल खड्ड का पानी पूरी तरह दूषित है। 16 हजार लोगों की पेयजल सप्लाई ठप है। पुलिस और जल शक्ति विभाग जांच कर रहे हैं कि जहर किसने और क्यों मिलाया। ग्रामीणों में दहशत है।
जरूरी: अगर आपके इलाके में पानी से अजीब गंध आए तो तुरंत जल शक्ति विभाग 1077 या पुलिस 112 को सूचित करें। पानी उबालकर ही पिएं।
ये किसी की शरारत नहीं, सीधे 16 हजार जिंदगियों से खिलवाड़ है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।@
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