कांग्रेस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर, शाहपुर की जनता को मिला वादों का धोखा : कमल कुमार शर्मा

शाहपुर में विकास ठप, सड़कें बदहाल, आईटीआई में इंजीनियरिंग कॉलेज का वादा अधूरा; मंत्री के दौरे से भी जनता को नहीं मिली कोई सौगात

शाहपुर। कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आई कांग्रेस सरकार और शाहपुर के विधायक ने जनता को उम्मीदें तो खूब दिखाईं, लेकिन आज सरकार के कार्यकाल के लगभग चार वर्ष बीतने को हैं और जनता अपने वादों के पूरा होने का इंतजार कर रही है। यह आरोप भाजपा जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री कमल कुमार शर्मा ने लगाते हुए कहा कि शाहपुर की जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर विकास कार्य देखना चाहती है।

कमल कुमार शर्मा ने कहा कि तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण से संबंधित मंत्री का शाहपुर दौरा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था। चुनाव के समय शाहपुर आईटीआई में अपने दृष्टि पत्र मे विधायक ने इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने का वादा किया गया था। जनता को उम्मीद थी कि मंत्री के दौरे के दौरान इस दिशा में कोई ठोस घोषणा होगी और क्षेत्र को दशहरा पर्व का तोहफा मिलेगा, लेकिन उनके अनुसार कोई ठोस सौगात सामने नहीं आई।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंत्री क्षेत्र में मौजूद थे, तो शाहपुर के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण वादे को पूरा करने की दिशा में कदम क्यों नहीं उठाया गया? उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना को लेकर सरकार को स्पष्ट घोषणा, समयसीमा और कार्ययोजना जनता के सामने रखनी चाहिए, ताकि युवाओं को अपने भविष्य के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सके।

सड़कों पर गड्ढे, गड्ढों में मिट्टी—यही है विकास का मॉडल?

कमल कुमार शर्मा ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि जगह-जगह गड्ढे होने से आम जनता, वाहन चालकों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर गड्ढों को स्थायी रूप से ठीक करने के बजाय मिट्टी से भरकर औपचारिकता निभाई जा रही है। बारिश होते ही सड़क पर कीचड़ फैल जाता है और गड्ढे फिर पहले जैसी स्थिति में आ जाते हैं।

उन्होंने सवाल किया कि क्या यही व्यवस्था परिवर्तन है? क्या जनता ने बेहतर सड़कें मांगने के बजाय गड्ढों में मिट्टी भरवाने के लिए कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी? उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र की जीवनरेखा होती हैं। इनकी अनदेखी से ग्रामीणों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों और मरीजों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। सरकार को अस्थायी मरम्मत के बजाय गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

भाजपा सरकार के समय शुरू हुए विकास कार्यों पर भी उठे सवाल

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा सरकार के सत्ता से जाने के बाद शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की गति कमजोर हुई है और कई समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं को लेकर सरकार से गुहार लगाते-लगाते थक चुकी है, लेकिन उसे अपेक्षित समाधान नहीं मिल रहा है।

उन्होंने मांग की कि सरकार और स्थानीय विधायक जनता के सामने पिछले वर्षों का विकास रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करें। इसमें स्पष्ट किया जाए कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में कितने विकास कार्य स्वीकृत हुए, कितने पूरे किए गए, कितने निर्माणाधीन हैं और कितने कार्य अब भी लंबित पड़े हैं।

जनता को चाहिए जवाब, केवल आश्वासन नहीं

कमल कुमार शर्मा ने कहा कि शाहपुर की जनता को चुनाव के समय किए गए वादों का हिसाब मांगने का पूरा अधिकार है। इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना, सड़कों की दुर्दशा और क्षेत्र की अन्य बुनियादी समस्याओं पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय जनता के बीच जाना नहीं, बल्कि पूरे कार्यकाल में उनके प्रति जवाबदेह रहना है। शाहपुर की जनता अब घोषणाओं और आश्वासनों से आगे बढ़कर ठोस विकास कार्य चाहती है। सरकार को चाहिए कि वह जनता की अपेक्षाओं का सम्मान करते हुए अधूरे वादों को पूरा करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करे।
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