“पंचायतों की आवाज बनेगी प्रधान परिषद, रामपुर बुशहर को जिला बनाने को लेकर हुई चर्चा।”
पंचायत प्रधान परिषद विकास खण्ड रामपुर बुशहर की मासिक बैठक शनिवार को पंचायत समिति हॉल रामपुर बुशहर में परिषद के अध्यक्ष श्री कृष्ण गोपाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विकास खण्ड की विभिन्न पंचायतों के प्रधानों, परिषद के पदाधिकारियों एवं सलाहकारों ने भाग लिया। बैठक की कार्यवाही परिषद के सचिव अश्वनी शर्मा द्वारा संचालित की गई।
बैठक के प्रारंभ में सचिव अश्वनी शर्मा ने अध्यक्ष महोदय सहित उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं पंचायत प्रधानों का स्वागत किया। उन्होंने परिषद के गठन के उद्देश्यों एवं संगठन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंचायत प्रधान परिषद का मुख्य उद्देश्य विकास खण्ड की समस्त पंचायतों को एक साझा मंच प्रदान करना, पंचायतों से संबंधित समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाना तथा उनके समाधान के लिए समन्वित प्रयास करना है।
बैठक में परिषद के संगठनात्मक स्वरूप को सुदृढ़ करने तथा इसकी कार्यप्रणाली को नियमित एवं प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि परिषद की मासिक बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, ताकि पंचायतों से संबंधित समस्याओं, विकास कार्यों एवं प्रशासनिक विषयों की निरंतर समीक्षा की जा सके। साथ ही प्रत्येक पंचायत को अपनी समस्याओं एवं सुझावों को परिषद के माध्यम से उचित मंच पर रखने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
बैठक में विकास खण्ड रामपुर बुशहर को जिला बनाने की मांग पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपस्थित पंचायत प्रधानों ने कहा कि रामपुर बुशहर का भौगोलिक क्षेत्र काफी विस्तृत है तथा अनेक पंचायतें दुर्गम एवं दूरदराज क्षेत्रों में स्थित हैं। जिला मुख्यालय शिमला तक प्रशासनिक कार्यों के लिए आवागमन करने में क्षेत्र के लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अतः क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए रामपुर बुशहर को जिला बनाने की मांग को जनहित में प्रदेश सरकार के समक्ष सामूहिक रूप से उठाने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में सभी पंचायतों के सहयोग से संयुक्त मांग पत्र तैयार कर माननीय मुख्यमंत्री एवं संबंधित अधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा।
बैठक में VB-GRAM-G योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा इसके अंतर्गत पंचायतों में पर्याप्त कार्य एवं रोजगार उपलब्ध करवाने का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। इस संदर्भ में पार्ट टाइम वर्कर्स, मिड-डे मील वर्कर्स एवं आंगनबाड़ी वर्कर्स, आउटसोर्स वर्कर को भी नियमानुसार योजना के अंतर्गत कार्य उपलब्ध करवाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। परिषद द्वारा संबंधित विभाग एवं प्रदेश सरकार से इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश एवं स्वीकृति प्राप्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया, ताकि पात्रता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप अधिक से अधिक ग्रामीण कामगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जा सकें।
किसानों एवं बागवानों की आर्थिक एवं व्यावसायिक सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से विकास खण्ड की प्रत्येक पंचायत में पंचायत की अपना ग्रेडिंग एवं पैकिंग हाउस स्थापित करने हेतु योजना तैयार करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसके स्थापित होने से पंचायत के अपने आय के स्त्रोत में भी इजाफा होगा। बैठक में कहा गया कि रामपुर बुशहर क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि एवं बागवानी पर आधारित है। ऐसे में पंचायत स्तर पर ग्रेडिंग एवं पैकिंग की आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से किसानों एवं बागवानों को अपने उत्पादों की छंटाई, गुणवत्ता निर्धारण, पैकेजिंग एवं विपणन में सुविधा प्राप्त होगी। इससे कृषि एवं बागवानी उत्पादों के बेहतर प्रबंधन तथा किसानों-बागवानों की आय में वृद्धि की संभावनाओं को भी बल मिलेगा। परिषद इस विषय को संबंधित विभागों एवं प्रदेश सरकार के समक्ष उठाकर आवश्यक बजट एवं स्वीकृति प्राप्त करने के लिए प्रयास करेगी।
बैठक में पंचायतों के समक्ष आने वाली विभिन्न वित्तीय, प्रशासनिक एवं विकासात्मक समस्याओं के समाधान हेतु सामूहिक कार्ययोजना तैयार करने पर भी सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि पंचायतों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को परिषद के माध्यम से संबंधित विभागों एवं प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार परिषद का प्रतिनिधिमंडल संबंधित अधिकारियों एवं प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों से भेंट कर समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी पैरवी करेगा।
बैठक के समापन पर परिषद के अध्यक्ष श्री कृष्ण गोपाल ने सभी उपस्थित पंचायत प्रधानों एवं पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के समग्र विकास एवं ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए आपसी समन्वय, संगठनात्मक एकजुटता एवं सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी सदस्यों से परिषद को सक्रिय एवं प्रभावी बनाए रखने तथा पंचायतों के हितों से जुड़े विषयों पर मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष श्री राजकांता शर्मा, सचिव अश्वनी शर्मा, समन्वयक होशियार मेहता, मुख्य सलाहकार जय सिंह एवं पदमा कोंग, दीप कुमार, केशव राम, फूला सिंह, संगीता, रचना भंडारी, बीना मेहता, गोपु राम सहित विकास खण्ड की विभिन्न पंचायतों के प्रधानगण एवं परिषद के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में लिए गए निर्णयों के माध्यम से पंचायत प्रधान परिषद ने स्पष्ट किया कि विकास खण्ड की पंचायतों से जुड़े विषयों एवं जनहित की मांगों को सामूहिक रूप से प्रशासन एवं प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने तथा उनके समाधान के लिए संगठित प्रयास किए जाएंगे। परिषद भविष्य में पंचायतों के बीच समन्वय स्थापित करने और क्षेत्र के समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
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