लोकतंत्र बचाने का ढोंग करने कर रही भाजपा, वोट का अधिकार छीनने पर चुप्पी क्यों : मल्ली

कांग्रेस प्रवक्ता बोले – एसआईआर पर सवाल उठाना अराजकता नहीं, लोकतंत्र में जवाबदेही मांगना है

– भाजपा बताए, पात्र मतदाताओं के नाम कटे तो जिम्मेदारी किसकी होगी

धर्मशाला, 30 अक्टूबर: कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता पुनीत मल्ली ने धर्मशाला में शुक्रवार को भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को ढोंग करार दिया है।

उन्होंने जारी बयान में कहा कि भाजपा लोकतंत्र बचाने के नारे लगा रही है, लेकिन उसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण मतदाता के मताधिकार की रक्षा की गारंटी कौन देगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल रैलियों, नारों और राजनीतिक भाषणों से नहीं बचता, बल्कि निष्पक्ष चुनाव, स्वतंत्र संस्थाओं, पारदर्शी प्रक्रियाओं और प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट के अधिकार की सुरक्षा से मजबूत होता है।
मल्ली ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने या फर्जी प्रविष्टियों को हटाने के खिलाफ नहीं है। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाना अराजकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र में नागरिकों के अधिकारों के प्रति जिम्मेदारी है।

इनसेट…

भाजपा से पूछे ये सवाल

यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर हो जाता है, तो उसे अपना मताधिकार वापस दिलाने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? गरीब, बुजुर्ग, प्रवासी श्रमिक और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दस्तावेजों या प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियां आती हैं, तो उनके लिए क्या ठोस व्यवस्था होगी?

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लोगों के सवालों का दें जवाब

मल्ली ने कहा कि भाजपा सांसद, विधायक व अन्य नेता जनता को नारे सुनाने के बजाय महंगाई, बेरोजगारी, ग्रामीण समस्याओं और आम लोगों के सवालों पर भी अपनी जवाबदेही तय करें। लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सवाल पूछना है और सरकार तथा संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी उन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना है।
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