नेपाल मे आई त्रासदी अंत नही शुरुवात है, एक तरह का ट्रेलर यह बात दक्षिण एशिया महाद्वयूप के लिए पिछले 10-12 सालों से काम करने वाले पर्यावरण बिद नाथु राम चौहान ने कही उन्होंने कहा की 595000 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला दुनिया के सात देशओ को जोड़ने वाला और जिसमें दुनिया के सबसे उंचे 100 शिखरओं वाला 8,8 70 मीटर से ऊंचे 100 शिखोरों वाला 15000 हिमनंद वाला और जो 12000 वर्ग किलोमीटर फेले हैं 72 किलोमीटर लंबा सियाचिन हिमनद विश्व के सबसे बड़े हिमनदों में आने वाला हिमंनंद भी हिमालय मे ही है, वह हिमालय जो थर्ड पोल भी कहलाता है जिसमें कुल 28000 झीले हैं वह 7570 झीले भारतीय क्षेत्र में इसका आकार 10 बड़े फुटबॉल ग्राउंड से भी अधिक है,1984 से 2023 के बीच हेमानंद झीलों का आकर कई गुना विस्तार हुआ है जो की महाप्रलय लाने के लिए पर्याप्त है,अब तक पांच महाप्रलय हो चुकी है जो की प्रकृति जनित थी यह छठी महा प्रलय है जो मानव जनित या मानव के द्वारा उत्पन्न की गई है और इसके बाद कुछ भी शेष नहीं रहेगा जब-जब प्रलय आई है किसी एक जीवन या किसी एक जाति का सर्वनाश हुआ है वैसे ही इस माह प्रलय में हो सकता है मानव जाति समूल नाश हो जाए,नेपाल में आई त्रासदी क्योंकि त्रिशूली नदी से होते हुए और जिसे भारत में गंडकी कहा जाता है जो की मां गंगा की एक भुजा है इस तरह की हिमालय क्षेत्र से सैकड़ो छोटी बडी नदियां बह रही है और इन नदियों के उद्गम स्थल में कोई ना कोई हिमनद या कोई ना कोई झील है जिससे सदियों से मीठा पानी लोगों की पीने के लिए उनके घर तक पहुंच रहा है पर आने वाले समय में यही झीले यही हिमनद जो आज हमें मीठा जल दे रहे हैं आने वाले समय में मानव के सर्वनाश का कारण बनेंगे कहा भी गया है अति सर्ववत्र वर्जित अति हर चीज की बुरी होती है अभी एक नई चीज और खोज में सामने आई है पर्मा फास्ट जो हजारों सालों से हिमालय क्षेत्र को उसके मिट्टी पहाड़ पत्थर बर्फ को जोड़े हुए हैं एक तरीके का सीमेंट का काम करता है तापमान बढ़ने के कारण व इसके अंदर सालों हजारों सालों से जीव जंतु पेड़ पौधे बिना सडे- गले जमे हुए और उनके अंदर भारी मात्रा में कार्बन और मीथेन जैसी ग्रीन हॉउस गैस होती है ग्लेशियर के पिघलने के कारण पर्मा फार्स्ट भी पिघलना शुरू हुए इनकी पकड़ ढीली हुई है इसके कारण पेड़ -पौधो जीव जंतु कार्बन आदि ग्रीन गैसो के कारण जहाँ एक और पर्यावरण और हिमालय क्षेत्र में तापमान बढ़ा वहीं दूसरी तरफ अधाधुंद पेड़ कटा खनन रोड व सुरंग निर्माण तथा फैक्ट्रीयों से मिट्टी धूल में से उड़ने वाला कार्बन बर्फ के ऊपर जमकर तापमान को बढ़ा रहा है वहीं पर बर्फ के अंदर सैकड़ो मीटर गहराई में वर्मा फर्स्ट की पकड़ ढीली होने की वजह से ग्लेशियर का टूटना हेमनदों का जिलों में से बाहर निकलना आने वाली तरसती के लिए योग्यता दे रहा है नेपाल में अंत नहीं शुरुआत अभी और बड़े-बड़े ऐप लॉन्च होने वाले जो कि मानव सुविधा का आसींद खत्म करते हमारा लालच हमें कहां ले जा रहा है हमारी हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते कल्पना तो यह भी नहीं की जा सकती एक छोटी सी नदी में इतनी बड़ी भर ले आएगी
Fact live today #likesharefollowcomment



Source link