
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के धराड़सानी से मछुआरा समुदाय के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। मुख्यमंत्री ने यहां ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ किया और मछुआरा परिवारों को आर्थिक सहारा देने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मछुआरा भाई-बहन सुबह से लेकर देर रात तक मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन कई बार तमाम मेहनत के बावजूद उनकी आमदनी परिवार की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं हो पाती। ऐसे परिवारों को मुश्किल समय में आर्थिक राहत देने और मछली पालन के काम को सुचारु रूप से जारी रखने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।
सरकार ने प्रदेश में गरीब परिवारों की स्थिति जानने के लिए पहली बार व्यापक सर्वे करवाया। आठ चरणों में हुए इस सर्वे में 1 लाख 73 हजार परिवारों की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से कम पाई गई। इनमें करीब 90 हजार परिवार IRDP और BPL जैसी योजनाओं से बाहर हैं। इन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए सरकार अब ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ लाने की तैयारी में है।
वहीं मछुआरा समुदाय को सबसे बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने पेनल्टी माफ करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मछुआरों की आय पर पहले 15 प्रतिशत रॉयल्टी लगती थी। सरकार ने इसे पहले 7 प्रतिशत और फिर घटाकर महज 1 प्रतिशत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह चार बजे मछली पकड़ने निकलने वाले मछुआरों को यह तक भरोसा नहीं होता कि उस दिन कितनी मछली मिलेगी और उसका उचित दाम मिलेगा या नहीं। ऐसे में रॉयल्टी और पेनल्टी का अतिरिक्त बोझ उनके लिए बड़ी परेशानी था।
अब सरकार ने इस बोझ को कम करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। रॉयल्टी में भारी कटौती के बाद पेनल्टी भी समाप्त करने का निर्णय, मछुआरा समुदाय के लिए आर्थिक राहत की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
यानी धराड़सानी से सरकार का साफ संदेश—मछुआरों की मेहनत को सम्मान, परिवारों को आर्थिक सहारा और उनके भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम। #factlivetoday #likecommentsharefollowsupport
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