*भारत का सबसे बड़ा ग्रामीण खेल महोत्सव ‘ईशा ग्रामोत्सव’ अब हरियाणा में शुरू हो रहा है*
• 25–26 जुलाई को पानीपत, करनाल और अंबाला में वॉलीबॉल और फुटबॉल के क्लस्टर स्तर के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 1–2 अगस्त को हिसार और कुरुक्षेत्र में क्लस्टर मैच होंगे। 9 अगस्त को करनाल में डिविजनल राउंड आयोजित किया जाएगा, जहां से विजेता टीम 4 से 6 सितंबर तक कोयंबटूर स्थित प्रतिष्ठित आदियोगी के समक्ष आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले में पहुंचेगी।
• ईशा ग्रामोत्सव में ₹1 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि रखी गई है, जिसमें क्लस्टर, डिविजनल और ग्रैंड फिनाले—तीनों चरणों में नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। ग्रैंड फिनाले में पुरुष वॉलीबॉल और महिला थ्रोबॉल की विजेता टीमों को ₹5 लाख तथा उपविजेता टीमों को ₹3 लाख दिए जाएंगे। तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमशः ₹1 लाख और ₹50,000 का पुरस्कार मिलेगा।
*23 जुलाई 2026, चंडीगढ़:* भारत का सबसे बड़ा ग्रामीण खेल महोत्सव ईशा ग्रामोत्सव इस वर्ष पहली बार हरियाणा में आयोजित किया जा रहा है। सद्गुरु – योगी, आध्यात्मिक गुरु एवं ईशा फाउंडेशन के संस्थापक – की परिकल्पना से शुरू हुआ यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि गांवों को एकजुट करने, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर देने और समुदायों को सशक्त बनाने का एक प्रयास है।
गुरुवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ईशा ब्रह्मचारी एवं ईशा ग्रामोत्सव के राष्ट्रीय समन्वयक स्वामी पुलक ने कहा, “जिन राज्यों में पिछले कई वर्षों से ईशा ग्रामोत्सव आयोजित हो रहा है, वहां हमने खेल के मैदान से कहीं आगे तक सकारात्मक बदलाव देखे हैं। गांव एक साथ आए हैं, महिलाओं ने परिवारों के पूर्ण सहयोग के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया है और खेलों के माध्यम से समुदाय पहले से अधिक मजबूत हुए हैं। हमने यह भी देखा है कि कई प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाई है और धीरे-धीरे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर हुए हैं।” ब्यूरो रिपोर्ट :रोशन लाल शर्मा
“हरियाणा की खेल संस्कृति पूरे देश में प्रसिद्ध है। हमें विश्वास है कि ईशा ग्रामोत्सव इस परंपरा को गांव-गांव तक और मजबूत करेगा। यह ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को प्रेरित करेगा तथा ऐसा अवसर बनेगा जहां पूरा गांव एक साथ खेल, उत्सव और आपसी भाईचारे का अनुभव कर सके,” उन्होंने आगे कहा।
टूर्नामेंट का आयोजन तीन चरणों में होगा—क्लस्टर स्तर, डिविजनल राउंड, और ग्रैंड फिनाले।
हरियाणा में 25–26 जुलाई को पानीपत, करनाल और अंबाला में क्लस्टर मुकाबले होंगे। इसके बाद 1–2 अगस्त को हिसार और कुरुक्षेत्र में क्लस्टर मैच आयोजित किए जाएंगे। 9 अगस्त को करनाल में डिविजनल राउंड होगा। यहां से विजेता टीम 4 से 6 सितंबर तक ईशा योग केंद्र, कोयंबटूर में प्रतिष्ठित आदियोगी के समक्ष आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले में भाग लेगी।
ईशा ग्रामोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पेशेवर खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि गांवों के आम नागरिकों के लिए है। इसमें किसान, मजदूर, गृहिणियां और विद्यार्थी सभी भाग ले सकते हैं।
पानीपत के जोंधन कलां गांव के 29 वर्षीय डेयरी किसान एवं ग्रामोत्सव प्रतिभागी अनुज जगलान ने कहा, “जब मुझे ईशा ग्रामोत्सव के बारे में पता चला, तो मैंने अपने गांव के कुछ लड़कों के साथ मिलकर एक टीम बनाई और निःशुल्क पंजीकरण कराया। कुछ ही दिनों में हमने अपने अंदर सकारात्मक बदलाव महसूस किया। पहले जहां शाम का समय मोबाइल पर बीतता था, अब हम रोज़ मैदान में अभ्यास करने के लिए एक साथ जुटते हैं।”
“गांवों में हुक्का जैसी लतें बहुत आम हैं, लेकिन ग्रामोत्सव युवाओं को खेलों के माध्यम से एक नई दिशा देता है। जब दूसरे युवा अपने दोस्तों को खेलते और आनंद लेते देखते हैं, तो वे भी नशे की ओर जाने के बजाय मैदान में उतरने के लिए प्रेरित होते हैं। अगर इस पहल से कुछ युवाओं का जीवन भी सकारात्मक दिशा में बदलता है, तो यह किसी भी ट्रॉफी से बड़ी जीत होगी,” उन्होंने आगे कहा।
ईशा ग्रामोत्सव में ₹1 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि रखी गई है, जिसमें क्लस्टर, डिविजनल, और ग्रैंड फिनाले, सभी स्तरों पर नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। क्लस्टर स्तर पर विजेता टीम को ₹10,000, उपविजेता को ₹7,000, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹5,000 तथा चौथे स्थान की टीम को ₹3,000 दिए जाएंगे। डिविजनल स्तर पर विजेता टीम को ₹15,000, उपविजेता को ₹10,000, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹6,000 तथा चौथे स्थान की टीम को ₹4,000 मिलेंगे।
ग्रैंड फिनाले में पुरुष वॉलीबॉल और महिला थ्रोबॉल की विजेता टीमों को ₹5 लाख तथा उपविजेता टीमों को ₹3 लाख दिए जाएंगे। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹1 लाख और चौथे स्थान की टीम को ₹50,000 का पुरस्कार मिलेगा। पैरावॉलीबॉल श्रेणी के लिए भी अलग से पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।
हरियाणा में पहली बार आयोजित हो रहे ईशा ग्रामोत्सव की प्रेरणादायक कहानियों में से एक पानीपत के वाइसर गांव की 66 वर्षीय जलपति की है। जलपति ने न सिर्फ प्रतियोगिता के लिए अपना पंजीकरण कराया है, बल्कि अपने गांव की महिलाओं की थ्रोबॉल टीम भी तैयार कर रही हैं। उनकी पहल इस बात का उदाहरण है कि ईशा ग्रामोत्सव महिलाओं को घर की चौखट से बाहर निकलकर खेलों में भाग लेने, आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा दिखाने और अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी आगे आने के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त मंच बन रहा है।
ईशा ग्रामोत्सव के हरियाणा समन्वयक एवं ईशा स्वयंसेवक सौरभ ठाकुर ने कहा, “हम अधिक से अधिक महिलाओं को खेल के मैदान में उतरते हुए देखना चाहते हैं। आज भी कई ग्रामीण परिवारों में महिलाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे घर पर रहकर खाना बनाने और परिवार की देखभाल जैसी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें। ईशा ग्रामोत्सव के माध्यम से हम ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं, जहां परिवार अपनी बेटियों, बहनों और माताओं को खेल खेलने, प्रतियोगिताओं में भाग लेने और खेलों से मिलने वाले आत्मविश्वास तथा आनंद का अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित करें। जब एक महिला खेल के मैदान में उतरती है, तो वह केवल अपनी टीम ही नहीं, बल्कि पूरे गांव को प्रेरित करती है।”
ईशा ग्रामोत्सव के 18वें संस्करण में देशभर के 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 40,000 से अधिक गांवों से 80,000 से अधिक ग्रामीण खिलाड़ियों के शामिल होने की उम्मीद है। फिट इंडिया से मान्यता प्राप्त इस आयोजन में इस वर्ष 7,000 से अधिक टीमें भाग लेंगी, जिनमें लगभग 15,000 महिला खिलाड़ी शामिल होंगी।
ईशा आउटरीच के एक्शन फॉर रूरल रीजुवेनेशन (Action for Rural Rejuvenation) कार्यक्रम के तहत आयोजित यह प्रतियोगिता तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश तथा पुडुचेरी में आयोजित की जाएगी। इस वर्ष पुरुषों के लिए वॉलीबॉल और महिलाओं के लिए थ्रोबॉल प्रतियोगिताएं होंगी।
प्रतियोगिता में वही ग्रामीण खिलाड़ी भाग ले सकते हैं जिन्होंने राज्य या भारत का राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व नहीं किया हो। सभी खिलाड़ियों का एक ही ग्राम पंचायत का निवासी होना अनिवार्य है। वॉलीबॉल खिलाड़ियों की न्यूनतम आयु 14 वर्ष तथा थ्रोबॉल खिलाड़ियों की 13 वर्ष होनी चाहिए। महिला थ्रोबॉल टीम में 21 वर्ष से कम आयु की अधिकतम तीन खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है।
हरियाणा के पात्र ग्रामीण खिलाड़ी isha.co/gramotsavam पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं और राज्य में पहली बार आयोजित हो रहे इस महोत्सव का हिस्सा बन सकते हैं।
ईशा ग्रामोत्सव को ग्रामीण विकास और खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। इसे भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा नेशनल स्पोर्ट्स प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (NSPO) के रूप में मान्यता प्राप्त है। वर्ष 2018 में इस पहल को जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
ईशा ग्रामोत्सव के सहयोगी संस्थानों के समर्थन से हजारों ग्रामीण खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने, अपने गांव का प्रतिनिधित्व करने और खेलों के माध्यम से ग्रामीण भारत की जीवंत संस्कृति का उत्सव मनाने का राष्ट्रीय मंच मिल रहा है।
इस वर्ष ईशा ग्रामोत्सव के मोबिलिटी पार्टनर ग्रैवटन मोटर्स, खेल एवं सामग्री साझेदार निविया स्पोर्ट्स, ब्रॉन्ज पार्टनर टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, मैदान पर सहयोगी साझेदार वंडर सीमेंट, तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) साझेदार सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड, वरिंदरा कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड, रॉयल इन्फ्राकॉन्स्ट्रू लिमिटेड और एजिलीसियम कंसल्टिंग हैं। ब्यूरो रिपोर्ट : रोशन लाल शर्मा #factlivetoday #LikeShareFollow
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