विकसित भारत 2047 के निर्माण में विश्वविद्यालय राष्ट्रीय विकास के इंजन बनें: अनुराग सिंह ठाकुर

शिक्षा क्षेत्र में सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन की नई यात्रा पर अग्रसर है भारत: अनुराग सिंह ठाकुर

निजी विश्वविद्यालय गुणवत्ता, नवाचार और किफायती शिक्षा को प्राथमिकता दें: अनुराग सिंह ठाकुर

चंडीगढ़, 18 जून 2026:
सांसद एवं संसदीय स्थायी समिति (कोयला, खान एवं इस्पात) के अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर ने आज मोहाली स्थित चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित भारत उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन-2026 के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। भारतीय निजी विश्वविद्यालय परिसंघ (सीआईपीयू) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का विषय विकसित भारत 2047 की ओर – राष्ट्रीय विकास के इंजन के रूप में विश्वविद्यालय रहा। सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक कुलाधिपति, कुलपति, शिक्षाविद, सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने देश की विकास यात्रा को रिफॉर्म एक्सप्रेस की संज्ञा देते हुए कहा कि भारत आज रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की कार्यशैली पर आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टिकोण के कारण भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाइब्रेंसी रैंकिंग में भी विश्व में तीसरे स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत अभूतपूर्व स्तर पर विकास से जुड़ रहा है और नवाचार तथा उद्यमिता के नए केंद्रों के रूप में उभर रहा है।

अनुराग ठाकुर ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में देश की शैक्षणिक संरचना में ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि आईआईटी की संख्या 16 से बढ़कर 23 तथा आईआईएम की संख्या 13 से बढ़कर 21 हो गई है। वहीं देश में विश्वविद्यालयों की संख्या में लगभग 59.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में संयुक्त संसदीय समिति द्वारा विचाराधीन विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक उच्च शिक्षा संस्थानों में संरचनात्मक सुधार और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक विश्वस्तरीय प्रतिभाओं के निर्माण में सहायक बनेगा।

अपने संबोधन के समापन में अनुराग ठाकुर ने देश के लगभग 557 निजी विश्वविद्यालयों की शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की, साथ ही उन्हें उनके दायित्वों की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को मात्र संख्या बढ़ाने के बजाय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शिक्षा को अधिक किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि संस्थानों की पहचान अनुकरण नहीं बल्कि नवाचार से होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के युग में निजी विश्वविद्यालयों को परिवर्तन के वाहक बनकर देश को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट : रोशन लाल शर्मा
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