3.35 करोड़ से अधिक भारतीय अस्थमा से पीड़ित: डॉ एसके गुप्ता
चंडीगढ़: लीडिंग मल्टी-स्पेशलिटी हेल्थ केयर प्रोवाइडर पार्क हॉस्पिटल्स ने सोमवार को मोहाली और पंचकूला स्थित अपने अस्पतालों में एडवांस्ड अस्थमा एवं एलर्जी क्लिनिक के शुभारंभ की घोषणा की।
इस एडवांस्ड अस्थमा क्लिनिक के शुभारंभ से पंचकूला, मोहाली, चंडीगढ़, जीरकपुर, यमुनानगर, अंबाला, रोपड़, नवांशहर, पटियाला, करनाल, कैथल, सोलन और शिमला के मरीजों को विशेष अस्थमा देखभाल का लाभ मिलेगा।
आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पल्मोनोलॉजी विभाग के डायरेक्टर व एचओडी- पल्मोनोलॉजी, डॉ एसके गुप्ता ने कहा कि भारत में अस्थमा एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई हैए जिससे 34.35 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हैं, जो वैश्विक अस्थमा के कुल मामलों का लगभग 13 प्रतिशत है।
सीनियर कंसल्टेंट-एलर्जी व अस्थमा, डॉ एसयू लवासा ने बताया कि भारत में अस्थमा से संबंधित मृत्यु दर वैश्विक औसत से तीन गुना अधिक है,जो प्रारंभिक निदान और उपचार में कमियों को दर्शाता है।
कंसल्टेंट-पल्मोनोलॉजी, डॉ हितेश गौड़ ने बताया कि अस्थमा एक दीर्घकालिक बीमारी है जो बच्चों और वयस्कों दोनों को प्रभावित करती है, और अक्सर धूल, प्रदूषण, धुआं, संक्रमण और तनाव से शुरू होती है। इसके सामान्य लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, व्हीज़िंग और सीने में जकड़न शामिल हैं।
डॉ एसके गुप्ता ने आगे कहा कि कई रोगियों में अस्थमा जीवन भर रहने वाली स्थिति है, लेकिन उचित चिकित्सा देखभाल और जागरूकता से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में अपर्याप्त निदान और अपर्याप्त उपचार प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं, जिससे अनावश्यक जटिलताएं और अस्पताल में भर्ती होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
एडवांस्ड अस्थमा एवं एलर्जी क्लिनिक में श्वसन संबंधी एलर्जी पैनल परीक्षण, फंगल एलर्जी की जांच, फेफड़ों की कार्यक्षमता परीक्षण (स्पाइरोमेट्री) और इम्यूनोथेरेपी तथा बायोलॉजिक्स सहित एडवांस्ड उपचार विकल्प जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
अस्थमा से बचाव के उपाय:
Ø अस्थमा के कारणों की पहचान करें- एलर्जी, धुआं, पालतू जानवर, धूल के कण
Ø एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों से दूर रहें
Ø किसी भी प्रकार के धुएं से बचें
Ø सर्दी और संक्रमण से बचाव करें
Ø अपने घर को एलर्जी-मुक्त बनाएं
Ø टीकाकरण करवाएं
Ø इम्यूनोथेरेपी पर विचार करें
Ø अस्थमा की दवाएं डॉक्टर के बताए अनुसार लें
Ø अपने अस्थमा एक्शन प्लान का पालन करें
Ø घर में पीक फ्लो मीटर का उपयोग करें
ब्यूरो रिपोर्ट :रोशन लाल शर्मा
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