विश्व भर में २१ जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप मनाया जाता है। प्राचीन काल से योग द्वारा शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक विकास को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। महर्षि पतंजलि ने योग विद्या को भारतीय शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित किया।
अखिल भारत ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव और चण्डीगढ़ ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष यशपाल तिवारी ने बताया कि योग शिक्षा को स्वस्थ जीवन जीने के लिए अति आवश्यक समझते हुए चण्डीगढ़ के सेक्टर ३७ में स्थित भगवान परशुराम भवन में पिछले लगभग तीन वर्षों से योग प्रशिक्षण केंद्र श्री ब्राह्मण सभा चण्डीगढ़ द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पतंजलि योग समिति चण्डीगढ़ के सहयोग से भगवान परशुराम भवन में योग महोत्सव मनाया गया जिसमें बड़ी संख्या में योग प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर स्वस्थ जीवन के लिए योग का महत्व बताते हुए पतंजलि योग समिति चण्डीगढ़ के प्रभारी आर आर पासी ने बताया कि २१ जून को साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है और इस दिन सूर्य कर्क रेखा के ऊपर होता है जिसके कारण पृथ्वी पर १४ से १५ घंटे तक सूर्य की किरणों का प्रभाव रहता है इसीलिये इस दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में प्रचलित किया गया। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है अपितु मन को शांति एवं स्थिरता भी प्रदान करता है।
पतंजलि योग समिति चण्डीगढ़ के सौजन्य से सभी उपस्थित योग साधकों को टी शर्ट और अल्पाहार वितरित किया गया।
ब्यूरो रिपोर्ट : रोशन लाल शर्मा #factlivetoday #himachalpradesh #yoga #chandigarh



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