भारतीय अंगदान दिवस पर कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग में आयोजित हुआ भव्य सेमिनार, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं शिक्षाविदों ने की सहभागिता
चंडीगढ़, 3 अगस्त 2026:
भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग, एससीओ 161, सेक्टर 24-डी, चंडीगढ़ द्वारा “भारतीय अंगदान दिवस – अंगदान करें, जीवन बचाएँ” विषय पर एक अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं जन-जागरूकता से परिपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षा एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के अनेक माननीय न्यायाधीश, वरिष्ठ आईएएस एवं आईपीएस अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, चंडीगढ़ के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त यूपीएससी, न्यायिक सेवा, पीसीएस, क्लैट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 250 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग के निदेशक, डॉ. सचिन गोयल, जो शिक्षा जगत में “सक्सेस गुरु” के नाम से विख्यात हैं, ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली व्याख्यान में अंगदान के इतिहास, आवश्यकता, कानूनी प्रावधानों, सामाजिक महत्व, नैतिक पक्ष तथा व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।
डॉ. गोयल ने बताया कि भारतीय अंगदान दिवस प्रतिवर्ष 3 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस भारत में प्रथम सफल मृतक (Deceased Donor) हृदय प्रत्यारोपण की स्मृति में मनाया जाता है तथा उन सभी अंगदाताओं एवं उनके परिवारों को श्रद्धापूर्वक सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने अपने निःस्वार्थ निर्णय से अनेक लोगों को नया जीवन प्रदान किया।
अपने संबोधन में उन्होंने भारत में अंग प्रत्यारोपण से संबंधित कानूनी व्यवस्था, मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, मस्तिष्क मृत्यु (Brain Stem Death) की कानूनी अवधारणा, अंगदान की सहमति, अधिकृत अस्पतालों की भूमिका तथा अंगों के व्यावसायिक दुरुपयोग को रोकने के लिए बनाए गए विधिक प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सकीय विषय नहीं, बल्कि एक संवैधानिक, नैतिक एवं मानवीय दायित्व भी है। यदि समाज जागरूक होकर स्वैच्छिक अंगदान को अपनाए, तो प्रतिवर्ष हजारों लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार), चिकित्सा नैतिकता, सूचित सहमति (Informed Consent) तथा राज्य की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विधिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
डॉ. गोयल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भी इस विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यूपीएससी, न्यायिक सेवा, राज्य लोक सेवा आयोग, क्लैट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण से संबंधित प्रश्न लगातार पूछे जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे इस विषय को केवल समसामयिक घटनाक्रम के रूप में न पढ़ें, बल्कि इसके कानूनी, संवैधानिक, सामाजिक, नैतिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का भी गहन अध्ययन करें।
सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों से संवाद किया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों को विषय की गहराई समझने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय संवेदनाओं से भी जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने एवं समाज को इस महान मानवीय कार्य के लिए प्रेरित करने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने इस सेमिनार को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं समाजोपयोगी बताया।
सेमिनार के उपरांत सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए हाई टी का आयोजन किया गया, जहाँ न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने अनौपचारिक चर्चा के माध्यम से इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार साझा किए।
यह आयोजन एक बार फिर इस बात का प्रमाण बना कि कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाला संस्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक चेतना एवं मानवीय सेवा की भावना विकसित करने के लिए भी निरंतर कार्यरत है।
जारीकर्ता:
कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग
एससीओ 161, सेक्टर 24-डी, चंडीगढ़
📞 9988003622
“वर्ष 2000 से भावी आईएएस, आईपीएस, न्यायिक अधिकारियों एवं राष्ट्रनिर्माताओं का निर्माण।”
ब्यूरो रिपोर्ट : रोशन लाल शर्मा
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