कांगड़ा, 27 मार्च 2026:
हिमाचल प्रदेश में किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल द्वारा बहाव सिंचाई योजना परूल और बीरता परुल-II का विधिवत हस्तांतरण किया गया। यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना चरण-II के अंतर्गत खंड प्रबंधन इकाई देहरा द्वारा आयोजित किया गया।
इस अवसर पर बीरता पंचायत और ललेहर पंचायत की कृषि विकास एसोसिएशन को लगभग 2.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कुहलों (पारंपरिक सिंचाई नहरों) का जिम्मा सौंपा गया। इन योजनाओं के माध्यम से करीब 178 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
एसडीएम इशांत जसवाल ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को समय पर पानी उपलब्ध करवाना है, ताकि वे अपनी फसलों की उत्पादकता बढ़ा सकें और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने किसानों से इन संसाधनों का सही उपयोग करने और सामूहिक रूप से इनके रखरखाव की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान पब्लिक रिलेशन विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस पहल का उद्देश्य किसानों को जागरूक करना और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस मौके पर डॉ. योगिंदर पॉल कौशल (डीपीएम), डॉ. रजनीश शर्मा (एसएमएस), डॉ. सुरेंद्र सिंह (एसडीएससीओ) और विवेक कंवर (बीपीएम) सहित अन्य अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस हस्तांतरण से न केवल सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होने की संभावना है।
ब्यूरो रिपोर्ट : फैक्ट लाइव टुडे
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